नए साल को खुशामदीद कहते हुए-आपके लिए :-
"हर पल एक नया लम्हा मेरी साँसों में गाता
इन लम्हों में एक बार तू यूँ ही जी कर देख ज़रा"
"वक़्त की दहलीज़ पर फिर बज उठी हैं सांकलें
फिर नए लम्हों ने दी दस्तक नया फिर साल है
आजमाईश में अगर कुछ रह गयी हों खाहिशें
इस बरस दिल में न रखना गर कोई मलाल है"
"रूप"
नए साल की आमद और इस्तकबाल में
ReplyDeleteकहा गया एक- एक लफ्ज़
आपकी नेक ख्वाहिशात का इज़हार कर रहा है
अभिवादन .